📈 Open Your Free Demat Account with Upstox Today!

📈 Open Your Free Demat Account with Upstox Today!
💡 Invest Smart, Invest with Upstox! Apply Now
HOT NOW
Loading updates...

UPI MDR Rules 2026: P2P aur P2M Transactions Ke Naye Niyam

⏱️ 1 Min Read

UPI Transaction Charges 2026: क्या सच में यूपीआई पर चार्ज लगेगा? MDR के नए नियम | Toinfo.in
🌐 अपनी भाषा चुनें / Select Your Language:

UPI Transaction Charges 2026: क्या सच में यूपीआई पर चार्ज लगेगा? जानिए MDR और सभी बैंकों (SBI, HDFC, ICICI, etc.) के नए नियम

आजकल भारत में चाय की टपरी से लेकर बड़े-बड़े मॉल्स तक, हर जगह पेमेंट करने का सबसे आसान और पसंदीदा तरीका UPI (Unified Payments Interface) बन चुका है। हम में से लगभग हर कोई जेब में कैश या कार्ड रखने की जगह अपने मोबाइल से "स्कैन एंड पे" करना ज्यादा पसंद करता है। लेकिन पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और न्यूज़ में "UPI Charges" और "MDR" (Merchant Discount Rate) को लेकर कई तरह की अफवाहें और खबरें चल रही हैं।

बहुत से लोग, विशेषकर छोटे दुकानदार (Merchants) और आम ग्राहक, इस बात को लेकर उलझन में हैं कि "क्या अब Google Pay, PhonePe, Paytm या बैंक ऐप्स से पैसे भेजने पर जेब से एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा?" या "MDR चार्जेस का हमारे रोज़मर्रा के लेन-देन पर क्या असर पड़ेगा?"

Toinfo.in की इस विशेष विस्तृत रिपोर्ट में आज हम सरकार और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नवीनतम नियमों के आधार पर आपको बिल्कुल सटीक और आसान शब्दों में समझाएंगे कि UPI का सच क्या है और कौन-कौन सी सेवाएं बिल्कुल मुफ्त (FREE) हैं और किस स्थिति में MDR लगेगा। यह नियम सभी भारतीय बैंकों (SBI, HDFC, ICICI, PNB, BOB, Axis, आदि) पर लागू होते हैं।

क्या है UPI Transaction का असली सच? (The Big Rule Check)

भारत सरकार और NPCI की गाइडलाइन्स के अनुसार, आम जनता के लिए यूपीआई का इस्तेमाल पहले की तरह ही सुरक्षित, आसान और पूरी तरह से मुफ्त है। हालांकि, कुछ बड़े कमर्शियल और मर्चेंट लेन-देन पर विशिष्ट नियम लागू किए गए हैं। आइए इन नियमों को सरल श्रेणियों में बांटकर समझते हैं:

👥 Person-to-Person (P2P)

क्या है नियम: पूरी तरह से मुफ्त (FREE)

जब आप अपने किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में सीधा पैसा ट्रांसफर करते हैं, तो उसे P2P (Person-to-Person) कहते हैं। यह सेवा सभी बैंकों के लिए 100% फ्री है, चाहे राशि कितनी भी हो।

🏪 Person-to-Merchant (P2M)

क्या है नियम: 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पूरी तरह से FREE

दुकानदार या व्यापारी (Merchant) को किया जाने वाला भुगतान P2M कहलाता है। इनमें से 96% लेन-देन पर कोई चार्ज नहीं लगता है क्योंकि केवल 4% पी-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शंस ही ₹2,000 से ऊपर के होते हैं।

🏛️ Essential & Govt. Services

क्या है नियम: ₹2,000 तक बिलकुल FREE

जरूरी और सरकारी सेवाओं (जैसे अस्पताल, उपयोगिता बिल, आदि) के लिए ₹2,000 तक की राशि पर कोई MDR नहीं है। यदि ट्रांजैक्शन ₹2,000 से अधिक है, तो केवल फ्लैट ₹5 MDR लागू होगा।

MDR (Merchant Discount Rate) क्या है और यह किस पर लगता है?

बहुत से लोगों को इस बात की चिंता होती है कि जब वे दुकान पर ₹2,000 से अधिक का भुगतान करेंगे, तो उन पर एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा। लेकिन यहाँ एक बहुत बड़ा टेक्निकल पॉइंट है जो आपको समझना चाहिए।

MDR का पूरा नाम मर्चेंट डिस्काउंट रेट है। यह वह फीस या चार्ज है जो किसी डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने के बदले में दुकानदार या व्यापारी (Merchant) को बैंक या पेमेंट गेटवे को देना होता है, आम ग्राहकों (Consumers) को नहीं!

MDR का सामान्य और छोटा मर्चेंट्स पर क्या असर होगा?

छोटे दुकानदारों को बढ़ावा देने और डिजिटल भारत के सपने को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने छोटे व्यापारियों को बहुत बड़ी राहत दी है:

  • ₹1 लाख प्रति माह की छूट: कोई भी छोटा व्यापारी (Small Merchant) जो क्यूआर (QR) कोड के ज़रिए हर महीने ₹1 लाख तक की राशि प्राप्त करता है, उसे किसी भी प्रकार का MDR नहीं देना होगा (Zero MDR)।
  • प्रति ट्रांजैक्शन गणना (MDR Per Transaction): यह एक और महत्वपूर्ण नियम है। MDR की गणना आपके दिनभर के कुल UPI रिसीप्ट्स (Total Receipts) पर नहीं, बल्कि प्रति ट्रांजैक्शन (Per Transaction) के आधार पर होती है। इसका मतलब है कि आप दिनभर में ₹2,000 से कम के जितने चाहे उतने (Multiple) ट्रांजैक्शन कर सकते हैं, उन पर कोई MDR नहीं लगेगा।
  • Same MRP, Any Mode (MRP में कोई बदलाव नहीं): ग्राहक चाहें नकद (Cash) भुगतान करें, डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें या फिर UPI से पैसे दें—प्रोडक्ट का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) वही रहेगा। कोई भी दुकानदार UPI पेमेंट लेने के नाम पर ग्राहक से सामान की कीमत से ज्यादा पैसे नहीं वसूल सकता।

सभी बैंकों के लिए UPI के नियम (All Banks Standard UPI Rules)

क्या आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC, ICICI, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) या किसी और बैंक में है? यह सवाल अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या उनका बैंक यूपीआई ट्रांसफर पर पैसे काट रहा है? इसका सीधा जवाब है - **नहीं**।

बैंक / भुगतान का प्रकार P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) P2M (छोटे दुकानदार / ₹2k से कम) P2M (₹2,000 से अधिक के चुनिंदा वॉलेट/मर्चेंट) MDR का भुगतान कौन करेगा?
SBI (State Bank of India) बिलकुल FREE बिलकुल FREE 0.5% से 1.1% (इंटरचेंज/मर्चेंट केवल) केवल व्यापारी (Merchant)
HDFC Bank बिलकुल FREE बिलकुल FREE 0.5% से 1.1% (मर्चेंट केवल) केवल व्यापारी (Merchant)
ICICI Bank बिलकुल FREE बिलकुल FREE 0.5% से 1.1% (मर्चेंट केवल) केवल व्यापारी (Merchant)
PNB & Other PSUs बिलकुल FREE बिलकुल FREE 0.5% से 1.1% (मर्चेंट केवल) केवल व्यापारी (Merchant)

उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए खास बातें (Key Points to Remember)

यूपीआई का उपयोग करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आप किसी भी अफवाह का शिकार न हों:

💡 ग्राहकों (Customers) के लिए महत्वपूर्ण टिप्स:

  1. कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं: जब आप किराने की दुकान, पेट्रोल पंप या ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो दुकानदार आपसे एक्स्ट्रा पैसा (Surcharge) यूपीआई के नाम पर नहीं मांग सकता। यदि कोई ऐसा करता है, तो आप बैंक या ग्राहक सेवा में उसकी शिकायत कर सकते हैं।
  2. ऐप चार्जेस से बचें: Google Pay, PhonePe, और Paytm जैसी ऐप्स से पैसा ट्रांसफर करने पर कोई अतिरिक्त फीस नहीं लगती। हालांकि, मोबाइल रिचार्ज या बिल पेमेंट पर कुछ ऐप्स "प्लेटफॉर्म फीस" (₹1 से ₹3) ले सकते हैं, जो यूपीआई का नहीं बल्कि उन ऐप्स का अपना सर्विस चार्ज होता है।
  3. सुरक्षित रहें: भुगतान करते समय हमेशा केवल अपना यूपीआई पिन (UPI PIN) तभी डालें जब आपको पैसे **भेजने** हों। पैसे **प्राप्त (Receive)** करने के लिए कभी भी पिन डालने की आवश्यकता नहीं होती।

🏪 व्यापारियों (Merchants) के लिए काम की बातें:

  1. छोटे व्यापारियों को छूट: यदि आपका मासिक बिजनेस ₹1 लाख से कम है, तो बेझिझक क्यूआर कोड (QR Code) का उपयोग करें, आपके लिए यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त है।
  2. MDR की सीमा: ₹2,000 से नीचे के ट्रांजैक्शन पर कोई MDR नहीं है। इसलिए ग्राहकों को छोटे पेमेंट के लिए कैश की जगह यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करें।
  3. ग्राहकों से न लें एक्स्ट्रा चार्ज: डिजिटल पेमेंट अपनाने से आपके बिज़नेस में पारदर्शिता आती है और ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है। कभी भी यूपीआई या कार्ड पेमेंट के लिए ग्राहकों से अधिक कीमत न वसूलें।

भविष्य में यूपीआई और ज्यादा मजबूत (Getting Stronger for Tomorrow)

जैसा कि विज्ञापन और सरकारी नोटिफिकेशन में भी कहा जाता है, यूपीआई कल के लिए और मजबूत हो रहा है (Getting Stronger for Tomorrow)। आज भारत का यह स्वदेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुका है। फ्रांस, सिंगापुर, यूएई, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में भी अब भारतीय यूपीआई से पेमेंट की जा सकती है।

सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) लगातार यूपीआई की सुरक्षा, स्पीड और विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। बिना इंटरनेट के पेमेंट (UPI Lite) और वॉयस-इनेबल्ड पेमेंट जैसी तकनीकों पर तेजी से काम चल रहा है ताकि दूर-दराज के गांवों में भी इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) - UPI Charges & MDR Rules

प्रश्न 1: क्या मैं अपने दोस्त को ₹5,000 भेजता हूँ, तो बैंक कोई चार्ज लेगा?
उत्तर: बिल्कुल नहीं! व्यक्ति से व्यक्ति (Person-to-Person) के बीच होने वाला कोई भी ट्रांसफर 100% फ्री है, चाहे राशि कितनी भी हो। बैंक या कोई भी ऐप इस पर एक पैसा भी चार्ज नहीं करता।
प्रश्न 2: क्या दुकानदारों को हर यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर (MDR) देना होता है?
उत्तर: नहीं। केवल उन चुनिंदा कमर्शियल और प्रीपेड वॉलेट (जैसे पेटीएम वॉलेट या मर्चेंट वॉलेट) के जरिए होने वाले लेन-देन पर मर्चेंट को चार्ज देना पड़ सकता है जो ₹2,000 से ऊपर के हों। आम बैंक-टू-बैंक यूपीआई और ₹2,000 से छोटे ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त हैं।
प्रश्न 3: क्या छोटा व्यापारी होने के नाते मुझे अपने QR कोड पर कोई फीस देनी होगी?
उत्तर: यदि आप एक छोटे व्यापारी हैं और आपकी मासिक क्यूआर कोड रिसीप्ट ₹1 लाख तक है, तो आपको कोई फीस नहीं देनी होगी (Zero MDR)।
प्रश्न 4: क्या दुकानदार क्रेडिट कार्ड यूपीआई (UPI on Credit Card) के लिए एक्स्ट्रा चार्ज ले सकता है?
उत्तर: नहीं, 'Same MRP, Any Mode' नियम के तहत दुकानदार क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, कैश या यूपीआई के लिए अलग-अलग कीमतें नहीं रख सकता। एमआरपी (MRP) सभी पेमेंट मोड्स के लिए एक समान ही होनी चाहिए।
प्रश्न 5: क्या सरकारी और जरूरी सेवाओं पर ₹2,000 से ऊपर एक्स्ट्रा पैसे देने होते हैं?
उत्तर: ₹2,000 तक की आवश्यक और सरकारी सेवाएं पूरी तरह मुफ्त हैं। उससे ऊपर की राशि पर केवल एक फ्लैट ₹5 का एमडीआर (MDR) व्यापारी/सर्विस प्रोवाइडर पर लागू होता है, ग्राहकों पर नहीं।

कैसी लगी आपको यह जानकारी? यूपीआई और बैंकिंग से जुड़ी ऐसी ही ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए Toinfo.in को फॉलो करते रहें और इस लेख को अपने दोस्तों और व्यापारी भाइयों के साथ जरूर शेयर करें!

📝 Comments
You May Like
Loading related posts...
🤖 Toinfo AI Assistant ▲
नमस्ते! मैं Toinfo का AI असिस्टेंट हूँ। आप किसी भी भाषा में जॉब्स, रिजल्ट्स या योजनाएं पूछ सकते हैं।